मनुष्य भव ही धर्म आराधना करने का उत्तम अवसर है -जिनेंद्र मुनि जी म.सा
जिनेंद्र मुनि जी महाराज साहब आदि ठाणा 5 का नगर में हुआ मंगल प्रवेश
महिदपुर रोड पूज्य आचार्य भगवंत उमेश मुनि जी महाराज साहब के सुशिष्य बुद्ध पुत्र पूज्य प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनि जी महाराज साहब आदि ठाणा 5का मंगल प्रवेश शुक्रवार सुबह 8:30 बजे नगर में हुआ तत्पश्चात समता भवन में पूज्य मुनि राजश्री में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि परमात्मा की कृपा से हमें उत्तम जाती उत्तम कुल उत्तम धर्म और उत्तम योनि प्राप्त हुई है। वीतराग परमात्मा का श्रेष्ठ शासन हमें प्राप्त हुआ है हमें मनुष्य जीवन में धर्म के मर्म को समझकर इस मनुष्य जीवन को सामायिक, प्रतिक्रमण, स्वाध्याय जप तप साधना आराधना के द्वारा सफल बनाना चाहिए। धर्म के प्रभाव से ही धन की प्राप्ति होती है । मार्गानुसरिया के 35 बोल का अनुसरण करने वाला जीव दुर्गति में नहीं जाता है। मनुष्य भव धर्म आराधना करने का उत्तम अवसर है। जिस प्रकार हम संसार में कितनी भी कमाई यानी पैसा कमा ले हमें संतुष्टि नहीं आती है। लेकिन हम धर्म करने के मामले में थोड़ा सा धर्म करने पर ही संतुष्ट हो जाते हैं ऐसा क्यों ,मुनि श्री ने कहा कि मनुष्य भव मूल पूंजी के समान है जिसे हमें धर्म के माध्यम से सदैव बढ़ाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। 84 लाख जीव योनियों में परिभ्रमण करने के बाद हमें अतिदुर्लभ मनुष्य भव प्राप्त हुआ है। पूर्वाचार्य ने कहा है कि श्रद्धा सांची आवे भव तीजे मोक्ष सिधावे, श्रद्धा रहित नहीं जीव भमे गति चौउमाई अर्थात परमात्मा के प्रति सच्ची श्रद्धा भाव रखने से संभवतःतीसरे भव में मोक्ष की प्राप्ति होती है और जो श्रद्धा नहीं रखते हैं वह 84 लाख योनियों के चक्कर में परिभ्रमण करते रहते हैं। इस अवसर पर महिदपुर रतलाम आदि श्री संघ ने उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रवचन प्रभावना का लाभ एवं साधार्मिक भक्ति का लाभ कांठेड़ परिवार महिदपुर रोड द्वारा लिया गया पूज्य गुरुदेव यहां से विहार कर महिदपुर नगर में अपना होली चातुर्मास संपन्न करेंगे उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी







