साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश
गुरुदेव के जयघोषों से भक्तिरस में सराबोर हुआ नगर
महिदपुर रोड राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा समुदायवर्ती व पुण्यसम्राट गुरुदेव की पोत्री साध्वी श्री शाश्वतप्रिया श्री जी म.सा. आदि ठाणा-4 का 21 जनवरी सुबह रूपेटा गॉव से विहार कर बुधवार को नगर के नागदा चौराहा से ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य एवं ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ।
मंगल प्रवेश जुलूस में समाजजन गुरुदेव के जयघोष करते हुए श्रद्धा व भक्ति भाव से सहभागी बने। जुलूस के दौरान स्थान-स्थान पर समाजजनों द्वारा गुरुदेव की गहुली की गई एवं मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया गया। यह भव्य जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए श्री राजेन्द्र सूरी ज्ञान मंदिर पहुँचा, जहाँ धर्मसभा में परिवर्तित हो गया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य साध्वी श्री ने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा और पूर्ण समर्पण ही मोक्ष का मार्ग है। उन्होंने भावपूर्ण उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे लोहे की कील जल में डालते ही डूब जाती है, वैसे ही गुरु सान्निध्य के बिना जीवन अस्थिर हो जाता है, जबकि गुरु का सान्निध्य उस नाव के समान है जो संसार रूपी भवसागर से पार लगा देता है। गुरु ही हमें असत्य से सत्य की ओर ले जाते हैं तथा अज्ञानता को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं।
रतलाम चातुर्मास के संदर्भ में जैन श्री संघ अध्यक्ष श्री अजय चोरडिया द्वारा नगर में पधारने की विनती की गई, जिसे पूज्य साध्वी श्री ने सहर्ष स्वीकार किया। पूज्य साध्वी श्री की मंगलकारी निश्रा में नगर में अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आज के इस धार्मिक, भक्ति एवं प्रभावना के पुण्य अवसर का लाभ पीयूष कुमार-प्रकाशचंद चतर परिवार द्वारा लिया गया। इस अवसर पर सकल जैन श्री संघ, समाज के वरिष्ठ महानुभाव, नवयुवक, तरुण, महिला, बहु एवं बालिका परिषद के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उक्त जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी।







