जलसेना की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गृह नगर लौटे जवान वैभव सिंह मंडोर का भव्य स्वागत
महिदपुर। भारतीय जलसेना में चयनित होकर उड़ीसा में छह माह की कठोर एवं अनुशासित प्रशिक्षण प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात प्रथम बार अपने गृह नगर लौटे जवान वैभव सिंह मंडोर का नगरवासियों द्वारा भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। जैसे ही जवान के नगर आगमन की सूचना मिली, क्षेत्रवासियों, इष्ट मित्रों, परिजनों एवं समाजजनों में उत्साह का वातावरण बन गया। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच उनका अभिनंदन किया गया, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। उल्लेखनीय है कि भारतीय जलसेना, जिसे आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना कहा जाता है, देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्रतिष्ठित सेना में चयन स्वयं में गर्व की बात है, और छह माह की कठिन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूर्ण करना युवा के साहस, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। वैभव सिंह मंडोर ने अपनी लगन, परिश्रम और दृढ़ निश्चय से यह मुकाम हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे महिदपुर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। इसी क्रम में क्षेत्र के प्रख्यात जननायक समाजसेवी विजय सिंह गौतम जवान के स्व-निवास पर पहुंचे और उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने जवान के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए यह सबसे बड़ा गौरव का क्षण होता है जब उनका पुत्र राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित होता है। उन्होंने मंडोर परिवार को नमन करते हुए कहा कि ऐसे संस्कारवान परिवार ही राष्ट्र की सच्ची पूंजी होते हैं, जो अपने बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव का संचार करते हैं। समाजसेवी गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि वैभव सिंह मंडोर की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे नगर की उपलब्धि है। यह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भी राष्ट्र सेवा के विभिन्न क्षेत्रों—सेना, नौसेना एवं वायुसेना—में आगे आकर देश की रक्षा और विकास में अपना योगदान दें। जवान के स्वागत के दौरान उपस्थित लोगों ने भी गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि महिदपुर जैसे नगर से निकलकर देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में योगदान देना अत्यंत सम्मान की बात है। नगर में यह चर्चा का विषय बना रहा कि वैभव की सफलता ने क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है।नगरवासियों ने एक स्वर में कहा कि भारतीय नौसेना में सेवा देना केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। वैभव सिंह मंडोर की इस उपलब्धि ने महिदपुर का नाम रोशन किया है और यह क्षण लंबे समय तक नगर के इतिहास में याद रखा जाएगा।







