वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ के लिए सुरक्षा और सुशासन के लिहाज से अहम साबित हुआ। इस साल माओवादियों के खिलाफ चलाए गए सघन अभियानों से नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगा। शीर्ष नक्सली नेताओं के न्यूट्रलाइजेशन, लगातार सफल ऑपरेशनों और सुरक्षा बलों की मजबूत रणनीति के चलते कई नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति की वापसी हुई। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि माओवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण संगठन की कमर टूटती नजर आई।
इसी वर्ष राज्य में विभिन्न बड़े ‘घोटालों’ पर भी निर्णायक कार्रवाई देखने को मिली। जांच एजेंसियों ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में त्वरित कदम उठाते हुए कई अहम खुलासे किए। प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से यह संदेश गया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। इन कार्रवाइयों से सरकार की कार्यशैली और जवाबदेही पर जनता का भरोसा मजबूत हुआ।
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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार वर्ष 2025 में माओवाद पर प्रहार और घोटालों पर कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ की छवि को नया आयाम दिया है। सुरक्षा, विकास और सुशासन के संतुलन के साथ सरकार ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में राज्य को हिंसा और भ्रष्टाचार से मुक्त कर समग्र विकास की राह पर आगे बढ़ाया जाएगा।







