साल 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़े नीतिगत फैसलों और सुधारों का गवाह बना। इस वर्ष सबसे अहम घोषणा 8वें वेतन आयोग को लेकर रही, जिससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भविष्य में वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी। इसके साथ ही नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को टैक्स फ्री किए जाने से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली और खपत बढ़ने के संकेत मिले।
2025 में टैक्स सुधारों के साथ-साथ GST प्रणाली में भी अहम बदलाव किए गए। जीएसटी स्लैब को सरल बनाने, कंप्लायंस आसान करने और छोटे कारोबारियों पर बोझ कम करने की दिशा में सरकार ने कई कदम उठाए। ई-इनवॉइस, रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और रिफंड प्रक्रिया में तेजी से व्यापार जगत को खासा फायदा हुआ, जिससे राजस्व संग्रह भी मजबूत हुआ।
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कुल मिलाकर, 2025 को आर्थिक सुधारों और संरचनात्मक बदलावों के साल के रूप में याद किया जाएगा। वेतन आयोग की पहल, टैक्स राहत और GST सुधारों ने न सिर्फ आम जनता को राहत दी बल्कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार को भी मजबूती दी। आने वाले वर्षों में इन फैसलों का असर रोजगार, निवेश और विकास पर और गहराने की उम्मीद है।







