प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माओवाद से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को स्पष्ट एक्शन प्लान दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि जो माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं, उन्हें दोबारा हथियार उठाने का मौका नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक समावेशन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की लगातार निगरानी करें। साथ ही शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका से जोड़कर उन्हें स्थायी रूप से समाज में स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों की सतर्कता और विकास कार्यों के संतुलन से ही माओवाद पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है।
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पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में विकास की गति तेज करना और स्थानीय लोगों का भरोसा जीतना बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्य सचिवों से अपेक्षा की कि वे जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करें, ताकि हिंसा का रास्ता छोड़ चुके लोग दोबारा भटकें नहीं और देश में शांति व विकास का माहौल मजबूत हो।







