पंपापुरी धाम गौशाला में श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं धनलक्ष्मी कुबेर यज्ञ का भव्य आयोजन
जननायक समाजसेवी विजय सिंह गौतम ने 1 लाख 11 हजार रुपये किए भेंट
महिदपुर। तहसील क्षेत्र स्थित पंपापुरी धाम गौशाला इन दिनों पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। यहां सात दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं धनलक्ष्मी कुबेर महायज्ञ का भव्य और दिव्य आयोजन राष्ट्रीय संत परम पूज्य गुरुदेव सरकार जितेंद्र जी के मुखारविंद से संपन्न हो रहा है। कथा महोत्सव को लेकर नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में विशेष धार्मिक उत्साह और आस्था का वातावरण बना हुआ है। कथा का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना एवं कलश स्थापना के साथ किया गया। प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक आयोजित हो रही कथा में श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं। संत श्री द्वारा श्रीमद् देवी भागवत के विविध प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण एवं ओजस्वी वर्णन किया जा रहा है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को माता भगवती की महिमा, शक्ति स्वरूपा देवी की कृपा, भक्ति की महत्ता, सदाचार, धर्मपालन एवं मानव जीवन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला जा रहा है। धनलक्ष्मी कुबेर यज्ञ के अंतर्गत श्रद्धालु परिवारों द्वारा यज्ञ कुंड में आहुतियां अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता एवं खुशहाली की कामना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन की सुगंध से समूचा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। यज्ञाचार्यों द्वारा विधि-विधानपूर्वक संपन्न कराए जा रहे इस महायज्ञ में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। इस भव्य धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के प्रख्यात जननायक समाजसेवी एवं आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विजय सिंह गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर संत श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन की सफलता और धर्मकार्य में सहयोग स्वरूप उन्होंने आयोजन समिति को 1 लाख 11 हजार रुपये की राशि भेंट की। उनके आगमन पर आयोजन समिति एवं श्रद्धालुओं द्वारा आतिशबाजी एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। मंच पर संत श्री एवं समिति पदाधिकारियों ने साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत एक ऐतिहासिक एवं भव्य भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। देश के प्रसिद्ध भजन गायक एवं कलाकारों ने माता भगवती एवं श्रीहरि की स्तुति में सुमधुर प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजन संध्या के दौरान पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा तथा श्रद्धालु भक्तिरस में झूमते नजर आए। सात दिवसीय इस कथा महोत्सव को लेकर क्षेत्र तथा आसपास के गांवों में व्यापक उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु आयोजन समिति एवं स्वयंसेवकों की विशेष टीम सक्रिय रूप से सेवाएं दे रही है। अब तक संपन्न हुए धार्मिक आयोजनों में इस कार्यक्रम को क्षेत्र का एक प्रमुख एवं ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। कथा महोत्सव के समापन अवसर पर विशाल पूर्णाहुति एवं महाप्रसादी वितरण किया गया।जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर धर्म लाभ अर्जित किया।







