राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ और जशपुर जिले की जनजातीय मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट हस्तशिल्प कार्य की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कला, स्थानीय संसाधनों और आधुनिक सोच का यह समन्वय आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो जनजातीय समाज की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है।
राष्ट्रपति ने महिलाओं के कौशल, परिश्रम और रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि जशपुर की जनजातीय महिलाएं अपने हुनर के माध्यम से न केवल अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित कर रही हैं। ‘जशक्राफ्ट’ जैसे प्रयास स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयास देशभर में जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। राष्ट्रपति की इस सराहना से जशपुर की मातृशक्ति का मनोबल बढ़ा है और जनजातीय हस्तशिल्प को नई ऊर्जा मिली है।







