प्रधानमंत्री की ‘बचत और सादगी’ की अपील का असर: पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान की सलाह पर बारात के काफिले की जगह एक बस से रवाना हुऐ बाराती
Mahidpur Road @ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में की गई अपीलों का असर अब गांव-गांव में दिखने लगा है। महिदपुर तहसील के ग्राम झूटावद में एक विवाह समारोह के दौरान सादगी और आर्थिक अनुशासन की एक ऐसी ही मिसाल देखने को मिली, जहाँ दर्जनों गाड़ियों के काफिले को छोड़कर पूरी बारात एक बस में सवार होकर रवाना होगी ।
जानकारी के अनुसार, झूटावद निवासी राम सिंह पवार उर्फ आचार्य जी के परिवार में विवाह समारोह है और बारात के लिए गाड़ियों का एक बड़ा काफिला ले जाने की तैयारी थी। इसी दौरान महिदपुर विधानसभा के पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान और मान सिंह सिसोदिया ने राम सिंह पवार से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और व्यक्तिगत बचत के लिए सादगी अपनाने की बात कही है।पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री के आह्वान का हवाला देते हुए कहा कि— “देश के विकास और फिजूलखर्ची रोकने के लिए हमें पेट्रोल, डीजल और सोने जैसी चीज़ों के अनावश्यक उपयोग से बचना चाहिए।” उन्होंने सुझाव दिया कि बारात में दर्जनों छोटी गाड़ियां ले जाने के बजाय एक बस का उपयोग किया जाए, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए और ईंधन की बचत हो सके। पूर्व विधायक की बात का सम्मान करते हुए पवार परिवार ने तुरंत गाड़ियों का काफिला रद्द किया और पूरी बारात को एक बस के माध्यम से ले जाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी की ‘जन-भागीदारी’ की अपील को धरातल पर उतारने का यह सबसे अच्छा तरीका है।

ईंधन की बचत : कई गाड़ियों की जगह एक बस का उपयोग कर डीजल की बर्बादी रोकी गई।
समाज को संदेश : सादगीपूर्ण विवाह के जरिए फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने की पहल।
पीएम की अपील का मान : ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री के संदेशों के प्रति बढ़ती जागरूकता।
मानसिंह सिसोदिया ने राम सिंह पवार के घर में हो रहे विवाह को लेकर कहां है कि झूटावद की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व सही दिशा दिखाए और जनता उसे स्वीकार करे, तो एक बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।







